: डां दिनेश चन्द्र शर्मा और शासन के बीच वार्ता में लगभग सभी मांगों पर सहमति बनी
Fri, Nov 10, 2023
लखनऊ।उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ एवं उत्तर प्रदेश शासन के मध्य शिक्षकों की मांगों पर 30 अक्टूबर, 2023 को प्रथम चरण की वार्ता के बाद दिनांक 9 नवंबर 2023 को दूसरे चरण की वार्ता संपन्न हुई। शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि दिनांक 30 अक्टूबर, 2023 को बेसिक शिक्षकों की 12 मांगों पर चर्चा हुई थी जबकि 9 मांगों पर चर्चा नहीं हो सकी थी। आज संपन्न हुई वार्ता में अवशेष 9 मांगों पर चर्चा हुई एवं निर्णय लिया गया।
डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि आज की वार्ता में 4200 ग्रेड वेतन वाले शिक्षकों को पदोन्नति पर 4800 ग्रेड वेतन देने संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने, राज्य कर्मचारियों की भांति दिव्यांग शिक्षकों को भी वाहन भत्ता देने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को बी0टी0सी0/ डी0एल0एड0 की सीटों में 5 प्रतिशत कोटा देने, प्रत्येक विद्यालय में एक सफाई कर्मचारी नियुक्त करने तथा जो बी0एड0 धारी शिक्षक नियुक्त हो गए हैं उनको ब्रिज कोर्स कराने पर सहमति बनी, उक्त के अतिरिक्त प्रमुख सचिव ने गैर शैक्षणिक कार्यो में लगे हुए शिक्षकों को धीरे-धीरे हटाने पर भी सहमति व्यक्त की।
डॉक्टर शर्मा ने बताया कि वार्ता में प्रमुख सचिव एम0के0एस0 सुंदरम का शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के प्रति दृष्टिकोण प्रशंसनीय रहा। पूर्व की वार्ता में बेसिक शिक्षकों की पदोन्नति 8 नवंबर, 2023 तक करने का विभाग ने आश्वासन दिया था, जिस पर पदोन्नति न होने की शिकायत महासंघ के प्रतिनिधि मण्डल ने जब प्रमुख सचिव से की, तब प्रमुख सचिव ने पदोन्नति न होने पर अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारण करते हुए 22 नवंबर तक अनिवार्य रूप से पदोन्नति करने का आदेश दिया. प्रमुख सचिव ने महासंघ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया की पूर्व में संपन्न वार्ता में लिए गए निर्णय पर शीघ्र ही कार्यवाही कर महासंघ को अवगत कराया जाएगा।एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित शिक्षकों को पुरानी पेंशन प्रणाली में सम्मिलित करने हेतु संघ प्रतिनिधिमण्डल शीघ्र ही मा मुख्य मंत्री से भेंट करेगा ।
वार्ता में महासंघ की ओर से ध्रुव कुमार त्रिपाठी एमएलसी एवं नेता शिक्षक दल, सुरेश कुमार त्रिपाठी पूर्व एमएलसी एवं संयोजक शिक्षक महासंघ, संजय सिंह महामंत्री उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, शिव शंकर पांडे कोषाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, राधे रमण त्रिपाठी वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं विभाग की ओर से विजय किरन आनंद महानिदेशक स्कूल शिक्षा, प्रताप सिंह बघेल सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, गणेश कुमार संयुक्त शिक्षक निदेशक उपस्थित रहे।
: सिपाहियों की दक्षता के आधार पर सेवानिवृत्ति नहीं,प्रोन्नति दे सरकार
Wed, Nov 1, 2023
बलिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रामगोविंद चौधरी ने सूबे की सरकार से अपील की है कि वह पचास वर्ष के हो चुके सिपाहियों को दक्षता टेस्ट के आधार पर सेवानिवृति नहीं, प्रोन्नति दे, उनके अनुभव का लाभ ले और उनका सदुपयोग करे। उन्होंने कहा है कि अपने जीवन का कीमती पचीस तीस वर्ष कानून व्यवस्था को देकर पचास वर्ष के हो चुके सिपाहियों को दक्षता टेस्ट की आड़ में जबरी सेवानिवृति देने की बात सोचना भी गलत है। समाजवादी पार्टी इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
उक्त बात बुधवार को अपने आवास पर मिलने आए एक प्रतिनिधि मण्डल एवं पत्रकारों और समाजवादी साथियों से बातचीत में उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि एक सिपाही को कितने वर्ष नौकरी करनी है, उसे क्या मिलना है, उसे क्या करना है और उसके लिए क्या क्या योग्यता उसके पास होनी चाहिए, यह सब पहले से तय है। इसी तय के आधार पर वह कड़ी परीक्षा देकर सिपाही बना है। उन्होंने कहा है कि इस तय के आधार पर ही सिपाही ड्यूटी करता है और इस तय के आधार पर ही सरकार उससे ड्यूटी लेती है। इसलिए उसकी सेवा निवृति भी तय उम्र पर ही होनी चाहिए। इसके पूर्व उसे सेवानिवृति करना सरासर अन्याय है।
रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि राज्य सरकार पुलिस विभाग में सेवानिवृति की उम्र पचास वर्ष करना चाहती है तो भर्ती से पहले करे और सभी को उसकी विधिवत जानकारी दे। जो युवक पचास वर्ष की सेवानिवृति की उम्र जानकर भर्ती हों, उन्हें पचास वर्ष में सेवानिवृति दे लेकिन जो साठ वर्ष की सेवानिवृति की उम्र जानकर भर्ती हुए हैं, उन्हें तय उम्र से पहले सेवा से जबरिया वंचित करना किसी कीमत पर कानून सम्मत नहीं है।
उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रहे सपा के राष्ट्रीय सचिव रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार सभी मोर्चों पर फेल है। इसलिए वह लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गैर जरूरी सवालों को उछाला करती है। उन्होंने सपा के साथियों से अपील की कि वे गाँव गाँव जाएं और लोगों को बताएं कि डबल इंजन की सरकार संविधान और लोकतंत्र की विरोधी है। इसलिए इस सरकार का कुर्सी पर बने रहना संविधान और लोकतंत्र के हित में नहीं है।