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बीएचयू में पीएचडी प्रवेश में अभ्यर्थी की हकतलफ़ी : बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश को लेकर धरना,विश्वविद्यालय प्रशासन की इमानदारी संदिग्ध

Ajay Mishra

Fri, Apr 18, 2025

स्थान: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय


वाराणसी। बीएचयू में पीएचडी अभ्यर्थी अर्चिता सिंह जो कि मूलतः बलिया की रहने वाली हैं के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ छात्र नेताओं का विरोध, प्रशासन से न्याय की माँग

बीएचयू के छात्र नेता प्रभाकर सिंह और पुनीत सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थी अर्चिता सिंह के साथ हो रहे गंभीर और स्पष्ट अन्याय के विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

अर्चिता सिंह, जो कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से आती हैं, ने विश्वविद्यालय की सभी शर्तों का पालन करते हुए समय पर सभी दस्तावेज़ जमा किए। EWS प्रमाणपत्र के अस्थायी अभाव में उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध करवाया गया Undertaking Form प्रस्तुत किया, जिसे वर्षों से विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकारा जाता रहा है। नियत तिथि 31 मार्च 2025 से पूर्व, उन्होंने वैध EWS प्रमाणपत्र विभाग को ईमेल और हार्डकॉपी के माध्यम से सौंप भी दिया।

विभाग द्वारा उनके प्रवेश को काउंसलिंग में EWS श्रेणी के तहत सुनिश्चित किया गया था और प्रतीक्षा सूची में पहले स्थान पर होने के कारण उनका प्रवेश तय था। लेकिन एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले छात्र द्वारा जानबूझकर प्रक्रिया पर आपत्ति जताने और दबाव डालने के बाद विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

हम विश्वविद्यालय के सभी छात्र संगठनों, महिला अधिकार समूहों और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे #JusticeForArchita अभियान के माध्यम से आवाज़ बुलंद करें।

सभी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

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