सरकार का 131वां संविधान संसोधन विधेयक लोक सभा में पारित न हो सका : विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 मत पड़े लेकिन 2/3 मत पक्ष में न होने के कारण पारित न हो सका
बलिया/न ई दिल्ली । आज लोक सभा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मत विभाजन (Division of Votes) हुआ है।
संसद के विशेष सत्र के दौरान सरकार द्वारा लाए गए 131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026 पर वोटिंग हुई, जिसमें सरकार को हार का सामना करना पड़ा। यह विधेयक महिला आरक्षण को लागू करने और परिसीमन (Delimitation) से संबंधित था। महिला आरक्षण विधेयक (106 वां संविधान संसोधन विधेयक) तो 2023 में ही लगभग सर्व सम्मति से पारित हो गया था केवल एक पार्टी के दो सांसदों ने विरोध में मत दिया था।यह अप्रैल 2026 का विधेयक अपने में परिसीमन लिए हुए था जिसमें सरकार को हार का सामना करना पड़ा ।
मतदान के मुख्य आंकड़े इस प्रकार रहे:
* पक्ष में वोट (Ayes): 298
* विरोध में वोट (Noes): 230
* परिणाम: विधेयक गिर गया (Defeated)।
### विधेयक क्यों गिरा?
चूंकि यह एक संविधान संशोधन विधेयक था, इसलिए इसे पारित करने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई (2/3) बहुमत की आवश्यकता थी। 528 सदस्यों की उपस्थिति में विधेयक को पास होने के लिए कम से कम 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन इसे केवल 298 वोट ही मिले।
विपक्ष का तर्क: विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) ने इस विधेयक का विरोध किया। राहुल गांधी और अन्य नेताओं का कहना था कि यह विधेयक महिला आरक्षण के नाम पर दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों की सीटों को कम करने की कोशिश है।
* सरकार का पक्ष: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने का एक अवसर था जिसे विपक्ष ने खो दिया।
* अगला कदम: इस विधेयक के गिरने के बाद, सरकार ने इससे जुड़े दो अन्य संबंधित विधेयकों (परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक) को भी आगे न बढ़ाने का फैसला किया है।
लोकसभा की कार्यवाही आज के लिए स्थगित कर दी गई है।
विज्ञापन
