अध्यक्ष नगर पालिका के चलते वेतन बाधित,जिला प्रशासन सक्रिय : जिला प्रशासन ने सभी जन प्रतिनिधियों को अवगत कराते हुए अध्यक्ष से मिलने और हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया,आउटसोर्सिंग
Ajay Mishra
Sun, Nov 23, 2025
बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया के कर्मचारियों जिसमें सफाई कर्मी भी शामिल हैं का वेतन भुगतान नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल के हस्ताक्षर न होने के चलते रुका हुआ है,अध्यक्ष मिठाई लाल द्वारा कहा जा रहा है कि अधिकारों पर रोक है जबकि शासन और जिला प्रशासन का कहना है कि कहीं भी नियमित कार्य करने पर रोक नहीं है जबकि मेला को सजाने संवारने तथा जमीन आवंटन या मेले सम्बन्धी अधिकार को शासन ने जिलाधिकारी को सौंप दिया है।
इस सन्दर्भ में जिला प्रशासन ने
(१)सर्वसाधारण को सूचित किया है कि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, बलिया पद की वित्तीय अथवा प्रशासनिक अथवा किसी भी प्रकार की अध्यक्ष की शक्तियां शासन द्वारा कम नहीं की गई है और न ही नगर पालिका के कार्यों में किसी प्रकार की रोक है। सिर्फ ददरी मेला को कुशल,सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपादित करने के लिए जिलाधिकारी महोदय को शासन ने निर्णय के लिए अधिकृत किया है।
(२) नगर पालिका परिषद में सफाई व्यवस्था संबंधी जैसे वेतन भुगतान,सफाई कर्मचारी की तैनाती आदि कार्य करना नगर पालिका परिषद का दायित्वऔर कर्तव्य है।जिसके लिए नगर पालिका के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी संयुक्त रूप से उत्तरदायी है।
(३)वर्तमान समय में नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हुआ है।सफाई कर्मचारी सहित अन्य सभी कर्मचारियों का वेतन भुगतान अध्यक्ष नगर पालिका और अधिशासी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। अधिशासी अधिकारी बलिया ने सफाई कर्मी सहित सभी कर्मचारियों के वेतन और मानदेय भुगतान पर हस्ताक्षर कर दिया है,परन्तु अध्यक्ष नगर पालिका द्वारा वेतन पर हस्ताक्षर नहीं किया जा रहा है,जो जनहित में नहीं है और नगरपालिका एक्ट के नियमों के प्रतिकूल है।
(४)उक्त वेतन बिल पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने का झूठा तथ्य प्रस्तुत किया जा रहा है कि शासन से अध्यक्ष नगर पालिका का हस्ताक्षर पावर सीज है और माननीय उच्च न्यायालय से रोक है।उक्त सभी तथ्य झूठे और भ्रामक खबर है और विधि के विरुद्ध गलत जानकारी की अफवाह फैलाई जा रही है। जबकि शासन से वेतन सहित नगर पालिका से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की रोक नहीं है और न ही माननीय उच्च न्यायालय से रोक है।
नगर पालिका परिषद बलिया में समुचित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्य बाधा सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान के बिल और चेक पर अध्यक्ष नगर पालिका के हस्ताक्षर नहीं किया जाना है।अध्यक्ष नगर पालिका से हस्ताक्षर किए जाने हेतु अधिशासी अधिकारी बलिया ने पत्र के माध्यम से स्वयं हस्ताक्षर कर पत्रावली दो बार प्रेषित की और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी सभी तथ्यों को अवगत कराया गया है।
(२)कल दिनांक 22 नवंबर को नगर पालिका बलिया की सफाई व्यवस्था को ठीक करने विषयक संपूर्ण तथ्यों को जनप्रतिनिधिगण की बैठक में रखा गया। जिसमें दयाशंकर सिंह परिवहन राज्य मंत्री जी, नीरज शेखर राज्य सभा सदस्य और संजय मिश्र जिलाध्यक्ष भाजपा सहित जिलाधिकारी ,पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारीगण थे। जिसमें लिए गए निर्णय पर तत्काल और आज दिनांक 23 नवंबर को कार्यवाही की गई ----
(A)अध्यक्ष नगर पालिका से सफाई कर्मचारी के भुगतान संबंधी पत्रावली पर हस्ताक्षर हेतु पुनः वार्ता कर ली जाए।जिसके क्रम में आज दिनांक 23 नवंबर को सिटी मजिस्ट्रेट और अधिशासी अधिकारी बलिया द्वारा पत्रावली पर हस्ताक्षर हेतु अध्यक्ष नगर पालिका के आवास पर गए परन्तु आवास में अंदर मौजूद होने पर भी आवास में नहीं रहने की बात कह कर उपस्थित अधिकारी से नहीं मिले,जिससे सफाई कर्मचारियों का भुगतान नहीं हो पा रहा।
(B) सफाई कर्मी को आउट सोर्स के माध्यम से उपलब्ध कराने वाली फर्म के मालिक अनिल पांडे से गंभीर कार्यवाही किए जाने की चेतावनी दी गई। अनिल पांडे फर्म मालिक द्वारा कल दिनांक 24 नवंबर को प्रातः 10 बजे सोमवार बैंक खुलने पर तत्काल सफाई कर्मियों का भुगतान दिए जाने की बात कही ग ई।चूंकि आज रविवार होने के कारण भुगतान संभव नहीं था लेकिन कल सभी आउटसोर्स सफाई कर्मियों का भुगतान हो जाएगा।सभी सफाई कर्मी कल कार्य पर नहीं लौटेंगे तो आउटसोर्स फर्म अनुपस्थित सफाई कर्मी को हटाकर नए सफाई कर्मी लगाएगी।
(३)आज दिनांक 23 नवंबर नगर पालिका बलिया में सफाई व्यवस्था के वैकल्पिक उपाय हेतु अन्य नगर निकाय के 20- 20 सफाई कर्मी सहित 150 सफाई कर्मी और ब्लॉकों के 100 सफाई कर्मी लगाए गए।कुछ अराजक तत्वों और सफाई संगठन द्वारा अनावश्यक विरोध करने पर समझा बुझा कर और पुलिस सुरक्षा प्रदान कर सफाई कराई गई।
नगर पालिका बलिया में सफाई कार्य संबंधी सभी तात्कालिक आवश्यक उपाय और पर्यवेक्षण जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।अगर किसी भी कर्मचारी द्वारा सफाई संबंधी लोक हित विषयों पर अपने पद के कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जाएगा तो एस्मा अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।साथ ही आउटसोर्स फर्म द्वारा लापरवाही किए जाने पर मुकदमा करते हुए ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। अगर कोई भी अराजकतत्व भ्रामक सूचना फैलाता है अथवा सफाई जैसे लोकहित विषयों पर बाधा पहुंचाता है तो सुसंगत धाराओं में मुकदमा कर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
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