: जन्मजात मूक बधिर बच्चों का हुआ परीक्षण और पंजीकरण
Thu, Feb 29, 2024
बलिया।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से सम्बद्ध विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी एवं लेजर सेन्टर लखनऊ के द्वारा जन्मजात मूक तथा बधिर बच्चो के पंजीकरण शिविर का आयोजन बुधवार को जिला पुरुष चिकित्सालय बलिया में किया गया। इस दौरान विभागीय चिकित्सको एंव विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी एंड लेजर सेन्टर की टीम ने बच्चों का पंजीकरण तथा परीक्षण किया।जिसमे 55 बच्चो का पंजीकरण हुआ ,इसमें से 21 बच्चे आपरेशन एवं अन्य जॉच हेतु लखनऊ बुलाये गये, यह जानकरी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों की समस्या व उनके निदान के लिये आर.बी. एस. के. टीम, शिक्षा विभाग तथा आई. सी. डी .एस. विभाग से समन्वय स्थापित कर निरंतर कार्य कर रही है। जो मरीज पंजीकरण तथा परीक्षण का लाभ नहीं उठा पाए है वह अपने ब्लाक की आर. बी. एस. के. टीम से संपर्क कर बाद में भी पंजीकरण करवा सकते है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ ए.के. उपाध्याय ने बताया कि यह जन्म जात मूक-बधिरता को माता पिता शुरुवाती दौर में इस बीमारी को नहीं समझ पाते है। समय से उचित चिकित्सीय परामर्श न मिलने से इस बीमारी का इलाज मुश्किल हो जाता है।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभारी डी ई आई सी मैनेजर डॉ संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के निर्देश पर , मुख्य चिकित्साधिकारी के मार्गदर्शन में इस कैम्प का आयोजन किया गया था, भविष्य में भी इस तरह के शिविर जन-मानस की भलाई के लिए लगाए जाएंगे।
परीक्षण एवं पंजीकरण को सफल बनाने में विनायक कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर के रमेश अवस्थी सहित उनकी टीम, शिक्षा विभाग के संजय मिश्रा जी ,आई सी डी एस विभाग के कार्यकत्रियों, आर बी एस के टीम के डॉ बरमेश्वर सिंह, डॉ कन्हैया ओझा, डॉ बद्री यादव,डॉ तारिक खान,डॉ आनंद सिंह,डॉ प्रशांत सिंह, डॉ शगिर हसन ,डॉ नेहाल अहमद, डॉ विनोद कुमार सहित उपस्थित सभी चिकित्सको सहित जनपद की समस्त टीमो के सदस्यों का योगदान रहा।
: एक वर्षीय नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने की अन्तिम तिथि26 मार्च
Thu, Feb 29, 2024
बलिया। उ०प्र, सरकार द्वारा समाज के कमजोरन वर्गों के उत्थान के लिए इस वर्ग के अभ्यार्थियों में कौशल/योग्यता में वृद्धि एवं रोजगार बाजार में वर्तमान में उपलब्ध एवं भविष्य में सृजित होने वाले रोजगार के अवसरों को सुविधापूर्वक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के अधीन स्थापित (शिक्षण एवं मार्गदर्शन केन्द्र) बलिया के माध्यम से अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यार्थियों को (समुह "ग") की रिक्तियों के योग्य बनाने हेतु "एकवर्षीय कार्यालय प्रबंध प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत- आशुलिपि, टाईपिंग, सचिवीय पद्धति, बुक कीपिंग, तर्कशक्ति एवं गणित, भाषा- (हिन्दी, अंग्रेजी) सामान्यज्ञान, कम्प्यूटर के साथ ही साक्षात्कार एवं व्यक्तित्व विकास में प्रशिक्षण की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।सहायक जिला रोजगार सहायता अधिकारी ने बताया है कि अभ्यार्थी की शैक्षिक योग्यता इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण होने के साथ अभ्यार्थी की आयु दिनांक-01-04-2024 को 18 से 35 वर्ष होनी चाहिए। प्रवेश हेतु आवेदन की अन्तिम तिथि 26 मार्च है। अभ्यार्थियों का चयन साक्षात्कार व मेरिट के आधार पर आरक्षण नियमों के अधीन होगा।
पिछड़ी जाति के अभ्यार्थियों का साक्षात्कार 27 मार्च तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यार्थियों का साक्षात्कार 28 मार्च को प्रातः 11 बजे से जिला सेवायोजनकार्यालय (तारा निवास गली, सतनी सराय, रविदास मन्दिर के पास) में होगा।
: जिलाधिकारी ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण
Wed, Feb 28, 2024
बलिया: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और एसपी देव रंजन वर्मा ने बुधवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी कारागार अधीक्षक(जेलर ) से जेल की व्यवस्था के बाबत पूछताछ की और आवश्यक दिशा निर्देश दिया। कहा कि जेल मैनुअल के हिसाब से ही यहां की पूरी व्यवस्था संचालित होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारागार के बैरक में रहने वाले कैदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। कुछ कैदियों ने अपनी समस्या भी सुनाई, जिसका तत्काल समाधान करने के निर्देश कारागार अधीक्षक को दिए गए। इसके बाद जेल अस्पताल में गए और वहां उपलब्ध दवा आदि के बारे में विस्तृत जानकारी ली। किचन में जाकर कैदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखा कि जेल में कैदियों को सही भोजन व नास्ता मिल रहा है कि नहीं। हवालात कार्यालय में जाकर अभिलेखों की जांच की। महिला बैरक में जाकर उनसे बातचीत कर आश्वस्त हुए कि उनकी कोई समस्या तो नहीं है।डीएम व एसपी ने कारागार अधीक्षक को निर्देश दिया कि यहां की व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया कि बंदियों से संपर्क स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को सुने और उसका निराकरण करवाएं ।किसी भी स्तर पर लापरवाही संज्ञान में आने संबंधित अधिकारी पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्रभारी कारागार अधीक्षक (जेलर) राजेन्द्र सिंह मौजूद रहे।