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जिलाधिकारी ने दिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

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वृक्षारोपण अभियान 2026 को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय : जिलाधिकारी ने दिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

Ajay Mishra

Wed, May 20, 2026

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 के वृक्षारोपण अभियान को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई तथा विभिन्न थीम आधारित वनों की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया।

सदस्य सचिव जिला वृक्षारोपण समिति एवं प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग, बलिया पृथ्वीराज के.एस.बी. ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 में अलग- अलग उद्देश्यों के अनुरूप विशेष प्रकार के वन विकसित किए जाएंगे। शासनादेश के अनुसार “मिशन छाया”, “वंदे मातरम वाटिका”, “महर्षि चरक औषधि वन”, “समरस वन”, “समृद्धि वन”, “कपि वन”, “ऊर्जा वन”, “अविरल धारा वृक्षारोपण” और “ग्रीन चौपाल” जैसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई है, उन्होंने बताया कि “मिशन छाया” के तहत हीट वेव से राहत दिलाने के लिए पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, आम और कदम्ब जैसे छायादार वृक्षों का रोपण सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कराया जाएगा। वहीं “वंदे मातरम वाटिका” के अंतर्गत स्वतंत्रता दिवस पर 150 पौधों का रोपण कर विशेष वाटिका स्थापित की जाएगी। साथ ही महर्षि चरक की स्मृति में औषधीय पौधों के रोपण से “महर्षि चरक औषधि वन” विकसित किया जाएगा। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती पर “समरस वन” की स्थापना की जाएगी। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के लिए “समृद्धि वन” विकसित किए जाएंगे। वहीं बंदरों के बढ़ते उत्पात को नियंत्रित करने हेतु शहरों के बाहर फलदार पौधों का रोपण कर “कपि वन” स्थापित किए जाएंगे। ऊर्जा संकट को देखते हुए तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों के पौधों का रोपण कर “ऊर्जा वन” विकसित करने की योजना भी बैठक में रखी गई। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेस-वे की 593 किलोमीटर लंबी दोनों पटरियों पर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधों का रोपण किए जाने की जानकारी दी गई। नदियों के पुनरोद्धार के लिए “अविरल धारा वृक्षारोपण” कार्यक्रम के तहत नदियों के दोनों तटों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराया जाएगा। इसमें पीपल, बरगद, पाकड़ और जामुन जैसे पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। नमामि गंगे, सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास एवं नगर विकास विभाग की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में “सहजन भंडारा” एवं “आम भंडारा” अभियान के तहत सहजन एवं आम की देशी प्रजातियों के पौधों के व्यापक रोपण और वितरण पर भी चर्चा हुई। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में “ग्रीन चौपाल” आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि चयनित वनों के लिए शीघ्र स्थल चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार कर सदस्य सचिव को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान 2026 के अंतर्गत “भाई-बहन वृक्षारोपण (रक्षाबंधन वाटिका)” तथा “एक पेड़ गुरु के नाम” कार्यक्रम भी गत वर्षों की भांति आयोजित किए जाएंगे। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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