कटहल नाला के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर प्रशासन सख्त,कड़े निर्देश : मानसून से पहले पूरा करें निर्माण कार्य नहीं तो होगा मुकदमा,100मजदूर लगाने के निर्देश
बलिया। जनपद में मानसून पूर्व जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से चल रहे कटहल नाला निर्माण एवं सुंदरीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन ने कटहल नाला का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के सहायक अभियंता को चेतावनी जारी की। निरीक्षण के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि मानसून से पहले एक किलोमीटर नाले का निर्माण कार्य एवं नाले की सफाई पूर्ण नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति की क्षति होने पर मुकदमा दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई। उन्होंने कार्य में तेजी लाने के लिए प्रतिदिन कम से कम 100 कर्मचारियों को लगाने के निर्देश दिए।
साथ ही प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। मुख्य राजस्व अधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि यदि ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार की शिथिलता बरती जाती है तो कार्यदायी संस्था उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे। प्रशासनिक निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार का रोस्टर बनाकर प्रतिदिन निरीक्षण करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कटहल नाला के सुंदरीकरण का कार्य ग्राम महावलपुर रामपुर महावल से लेकर ग्राम प्रबंधापुर तक लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में कराया जाएगा। नाले की चौड़ाई लगभग 20 मीटर निर्धारित की गई है। इस परियोजना के लिए माननीय परिवहन मंत्री के प्रयासों से लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कटहल नाला के सुंदरीकरण से न केवल जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे जनपद बलिया को एक नई पहचान मिलेगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर, अधिशासी अभियंता सिंचाई, सहायक अभियंता सीएनडीएस तथा अधिशासी अधिकारी बलिया भी उपस्थित रहे।
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