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जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद,अभियन्ता,वैज्ञानिक सोनम का अनशन 18वें दिनजारी : आज के लोकतंत्र में अब अनशन,विरोध प्रदर्शन और अपनी बात को सुनाने बताने का मजबूत हथियार अनशन भी फेल,मरने की भी सुनवाई नहीं

*परीक्षा सुधार की मांग तेज,कोई सुनने वाला नहीं, कल 16 को सोनम के समर्थन में सभी लोगों से भूख हड़ताल करने की आयोजकों ने की अपील*

नई दिल्ली, 15 जुलाई। सामाजिक कार्यकर्ता,वैज्ञानिक,पर्यावरणविद एवं शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक का दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन बुधवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच आंदोलन को देशभर से समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारी NEET-UG 2026 सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन के दौरान डॉक्टरों की निगरानी में सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार उनका वजन काफी कम हो गया है,मांसपेशियां काम नहीं कर रही हैं,वे खड़े नहीं हो पा रहे हैं और कमजोरी काफ़ी बढ़ी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने केन्द्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।

आंदोलन का समर्थन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 16 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक दिन की सामूहिक भूख हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है।

इस बीच कई राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने सरकार से आंदोलनकारियों से संवाद शुरू करने की अपील की है। वहीं, सरकार की ओर से अब तक आंदोलन की प्रमुख मांगों पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

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