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वैज्ञानिक,पर्यावरणविद सोनम को पुलिस ने उठाया,अस्पताल ले गई : समाजवादी पार्टी ने सोनम वानचुक को जंतर मंतर से हटाए जाने की घटना को अलोकतांत्रिक बताया -जिला प्रवक्ता सुशील पाण्डेय

Ajay Mishra

Sat, Jul 18, 2026

बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन धरना स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के साथ की गई यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति संवाद, असहमति का सम्मान तथा संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिक अधिकारों की रक्षा है। यदि शांतिपूर्ण आंदोलन और अहिंसक विरोध का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाएगा, तो यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

सुशील पाण्डेय कान्हजी ने कहा कि जो सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन से भी भयभीत हो जाए, वह अपनी राजनीतिक शक्ति नहीं, बल्कि अपनी असुरक्षा का परिचय देती है। लोकतंत्र में मतभेदों का समाधान संवाद से होना चाहिए, दमन से नहीं। सरकार का दायित्व विरोध की आवाज़ को दबाना नहीं, बल्कि उसे सुनना और लोकतांत्रिक तरीके से उसका समाधान करना है।

उन्होंने कहा कि कायर सरकार की यह कायराना कार्रवाई निंदनीय है। यह कमजोर नेतृत्व की घिनौनी कार्रवाई है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक भावना के विपरीत प्रतीत होती है। किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की वास्तविक ताकत विरोध को कुचलने में नहीं, बल्कि विरोध की आवाज़ का सम्मान करने में होती है।

सपा प्रवक्ता ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाए, शांतिपूर्ण आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए तथा प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

लोकतंत्र में असहमति कोई अपराध नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। इस अधिकार का सम्मान करना हर सरकार का दायित्व है।

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