अमर उजाला द्वारा आयोजित भविष्य ज्योति कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक : ने किया छात्र-छात्राओं से संवाद और भविष्य की चुनौतियों के बारे में किया जागरुक
बलिया पुलिस द्वारा छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा व सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत फोटो एवं निजी जानकारी साझा न करने तथा प्रोफाइल को प्राइवेट/लॉक रखने हेतु किया गया जागरूक।
बलिया।आज दिनांक 24.05.2026 को 'अमर उजाला' द्वारा शिवधनी होटल हनुमानगंज में में आयोजित “भविष्य ज्योति कार्यक्रम” में पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह व मुख्य कोषाधिकारी बलिया सम्मिलित हुए, कार्यक्रम का जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति, एसपी बलिया, सीटीओ बलिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया शुभारम्भ । कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक बलिया द्वारा छात्राओं को सम्बोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य में आने वाले चुनौतियों के बारे में अवगत कराया और उनके समाधान के बारें में रास्ता दिखाया । युवाओं को अवगत कराये कि युवा देश के भविष्य है, यदि युवाशक्ति का सही मार्ग में प्रयोग किया जाय तो भारत जल्द ही विकसित राष्ट्र बन जायेगा ।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कप्तान द्वारा बच्चों को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के सम्बन्ध में व्यवहारिक एवं महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी। साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे तथा साइबर सुरक्षा से सम्बन्धित जानकारी को गंभीरता से सुना।
साइबर अपराधों के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी सोशल मीडिया, गेमिंग एप्लीकेशन, फर्जी लिंक एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। बच्चों को विशेष रूप से यह समझाया गया कि सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत फोटो, मोबाइल नम्बर, पता, बैंक सम्बन्धी जानकारी एवं अन्य निजी सूचनाएँ साझा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। साथ ही उन्हें अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट/लॉक रखने एवं केवल परिचित व्यक्तियों को ही मित्र सूची में जोड़ने की सलाह दी गयी। बच्चों को विस्तारपूर्वक बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये लिंक, मैसेज, ओटीपी अथवा फाइल को बिना सत्यापन खोले जाने से मोबाइल फोन एवं निजी डाटा हैक हो सकता है।
इसके अतिरिक्त बच्चों को मोबाइल फोन में डाउनलोड होने वाली फर्जी APK फाइल्स एवं मालवेयर के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया। बच्चों को बताया गया कि केवल विश्वसनीय एवं आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही एप्लीकेशन डाउनलोड करनी चाहिए।
ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर
कार्यक्रम में बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गयी। उन्हें बताया गया कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों से बातचीत, पैसे का लेन-देन अथवा निजी जानकारी साझा करना खतरनाक हो सकता है।
इसके साथ ही बच्चों को इंटरनेट का सकारात्मक एवं सुरक्षित उपयोग करने, साइबर बुलिंग से बचने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल अभिभावकों अथवा पुलिस को देने हेतु प्रेरित किया गया।
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